अकबर का सपना
बादशाह अकबर जहाँ एक ओर राजा बीरबल की बुद्धि और हाजिर जवाबी के कायल थे , वहीं वो बीरबल की टांग खींचने का कोई मौका नहीं गंवाते थे। एक बार अकबर ने बीरबल से कहा कि उन्होंने एक सपना देखा जिसमें अकबर और बीरबल उड़ रहे थे कि तभी वो गिर जाते हैं। अकबर शहद से भरे हौद में गिरते हैं और बीरबल गोबर से भरे हौद में गिरते हैं। यह बोलकर अकबर मन ही मन मुस्कुराने लगे। सोचने लगे कि आज उन्होंने बुद्धिमान बीरबल को निरुत्तर कर ही दिया। किन्तु बीरबल भी कहाँ चुप रहने वाले थे। उन्होंने तुरंत बादशाह से जान की सलामती मांगी और सलामती का आश्वासन मिलते ही बीरबल ने तपाक से कहा , महाराज , आप बिलकुल ठीक फरमाते हैं , बिल्कुल ऐसा ही हुआ था। आप शहद के हौद में गिरे थे मैं गोबर के हौद में। पर इसके आगे का सपना मैंने देखा था। आप शहद के हौद से निकलकर मुझे चाटने लगे और मैं गोबर के हौद से निकलकर आपको चाटने लगा। बादशाह अकबर एक बार फिर झेंप गए।और पढ़ें : हिंदी में अकबर बीरबल की कहानियाँ (Akbar Birbal Stories in Hindi - Part 2)
अकबर के गंजेपन का उपचार
एक बार की बात है , बादशाह अकबर के बाल झड़ने लगे। थोड़ा थोड़ा गंजापन भी दिखाई देने लगा था। अकबर को बहुत चिंता हुई। उन्होंने सारे वैद्य हकीमों को बुला भेजा। सबने बादशाह को एक से बढ़कर एक दवाइयां दी। बादशाह ने एक के बाद एक सारी दवाइयां इस्तमाल करीं पर कोई फायदा ना हुआ। नतीजतन बादशाह को गुस्सा आ गया और उन्होंने सभी वैद्यों और हकीमों को कारावास में डालने का हुक्म सुना दिया। फिर क्या था , हड़कंप मच गया। वैद्य और हकीमों के जेल जाने से राज्य में उपचार करने वाला कोई ना बचा। बात बढ़ते बढ़ते बीरबल तक पहुंची। अकबर का ऐसा आदेश सुनकर बीरबल को बहुत चिंता हुई और वो जनता को इस स्तिथि से निजात दिलाने का उपाय सोचने लगे। आखिरकार उनको उपाय मिल ही गया। वे बादशाह के पास पहुँचे और कहा की उनके पास बाल उगाने की और झड़ना रोकने की अचूक दवा है , परन्तु वह दवाई वो अकबर बादशाह को केवल दो शर्तों पर ही देंगे। अकबर ने तुरंत उत्सुकता से पूछा कि वो दो शर्तें क्या हैं। बीरबल ने उत्तर दिया , पहली शर्त है कि आपको अभी सभी वैद्यों और हकीमों की रिहाई करनी पड़ेगी और दूसरी शर्त वह दवाई देते समय ही बताएगा। सोच लो बीरबल , अकबर ने कहा , यदि मेरी बाल झड़ने की समस्या का हल नहीं निकला तो तुन्हें उन सब वैद्यों और हकीमों के बदले की सजा भुगतनी होगी। जी महाराज , बीरबल ने बड़े ही अदब से उत्तर दिया। बीरबल का आत्मविश्वास देखकर अकबर को लगा कि अवश्य ही बीरबल के पास उसकी बाल झड़ने की समस्या का इलाज है। बादशाह ने तुरंत सभी वैद्यों और हकीमों को रिहा करने का हुक्म दिया और बीरबल से तुरंत वह दवाई देने का हुक्म दिया। जहाँपनाह , वह दवाई मैं आपको एक सप्ताह के बाद लाकर दूंगा, बीरबल ने कहा , क्योंकि वह दवाई एक बहुत पहुंचे हुए सिद्ध बाबा के पास है जो हिमालय पर रहते हैं। बादशाह अकबर सहमत हो गए। अकबर से विदा लेकर बीरबल दवा लेने निकल पड़े।और पढ़ें : हिंदी में अकबर बीरबल की कहानियाँ (Akbar Birbal Stories in Hindi - Part 3)
ठीक सात दिन बाद बीरबल अकबर के दरबार में दवाई के साथ उपस्थित हुए । लीजिये हुजूर , मैं बाबा से पूरे एक महीने की दवाई ले आया हूँ बीरबल बोले , और उन्होंने मुझे पक्का आश्वासन दिया है की इससे आपके बाल झड़ना ना केवल रुक जायेंगे बल्कि नए बाल भी आने शुरू हो जायेंगे , बस एक शर्त है। कैसी शर्त बीरबल , बादशाह ने पूछा। यूँ कहिये की शर्त नहीं परहेज है , बीरबल ने कहा। हाँ हाँ , हम सब परहेज मानेंगे , परन्तु तुम्हें भी सजा याद है ना , बादशाह अकबर बोले। जी जहाँपनाह बिल्कुल याद है , यदि बाल ना उगे तो जो सजा आप देंगे मुझे स्वीकार है , बीरबल ने कहा , परन्तु आपको यह दवा रोज सुबह नहाने के बाद बालों में लगानी है , और परहेज यह है कि दवा लगाते समय आपको आपका प्रिय फल सेब याद नहीं करना है। ध्यान रहे महाराज , यदि दवा लगाते समय आपको सेब याद आया तो दवा असर नहीं करेगी। अरे इसमें कौन सी मुश्किल है , कहते कहते अकबर ने दवा की शीशी बीरबल के हाथ से ले ली। अगले दिन सुबह जैसे ही बादशाह अकबर वह दवाई लगाने लगे , उन्होंने तुरंत याद किया कि उनको दवाई लगाते समय सेब याद नहीं करना और जैसे ही उन्होंने सोचा कि उन्हें सेब यद् नहीं करना , उनको सेब याद आ गया। ओह , नहीं मुझे सेब याद नहीं करना था , ये मैंने क्या किया , अब मैं यह दवाई आज नहीं लगा पाउँगा , कोई बात नहीं कल फिर कोशिश करूँगा, यह सोचकर उन्होंने अपने आप को तसल्ली दी। इस तरह उन्होंने कई दिन तक असफल कोशिश की और आखिरकार वे समझ गए कि यह परहेज उनसे नहीं होगा और कहीं ना कही वह यह भी समझ गए कि एक बार फिर बीरबल ने उन्हें अपनी अक्लमंदी का लोहा मनवा दिया है। कुछ दिन बाद बीरबल ने चुटकी लेते हुए बादशाह पूछा कि क्या जहाँपनाह दवाई ठीक से लगा रहे हैं तो उन्होंने अपनी झेंप मिटाते हुए उत्तर दे दिया कि उन्हें लगता है कि वो बढ़ती उम्र में कम बालों के साथ ज्यादा अच्छा लगते हैं ।
और पढ़ें : हिंदी में अकबर बीरबल की कहानियाँ (Akbar Birbal Stories in Hindi - Part 4)
अकबर बीरबल और चूना खाने की सजा
एक बार राजा बीरबल एक पान की दुकान पर खड़े थे कि तभी वहाँ कुछ सिपाही एक व्यक्ति को जंजीरों में जकड़कर लाये और उन्होंने पान वाले से एक पाव (अढ़ाई सौ ग्राम) चूना ख़रीदा। इतने चूने का कोई सैनिक क्या करेगा , यह सोचकर बीरबल चौंक गए और आखिरकार उन्होंने सैनिकों से अपने दिल में आया प्रश्न पूछ ही लिया। मान्यवर , इनको महाराज अकबर ने एक चोरी के इल्जाम में एक पाव चूना भरे राजदरबार में सबके सामने खाने की सजा दी है , सैनिकों ने जंजीरों में जकड़े शख्स की ओर इशारा करते हुए बीरबल को बताया। और जब राजा बीरबल ने उस विषय पर और जानकारी सैनिकों से प्राप्त की तो उन्हें लगा की एक छोटी सी चोरी के लिए एक पाव चूना खाने की सजा बहुत नाइंसाफी है क्योंकि एक पाव चूना खाने से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु निश्चित है क्यों की चूने की अधिक मात्रा उसके शरीर के अंदर के अंगों को जला देगी। बीरबल कुछ क्षण के लिए सोच में पड़ गए। उन्होंने सैनिकों से कुछ पल रुकने के लिए कहा और पास की पंसारी की दुकान से एक पाव देसी घी खरीदकर उस मुजरिम को पीने के लिए दिया। बीरबल जानते थे की घी चूने के असर को काफी हद तक निष्क्रिय कर देगा। और यही हुआ , जब उस व्यक्ति ने चूना खाया तो जहाँ एक ओर अकबर और सारे दरबारी उसके गिर कर तड़पने के बारे में सोच रहे थे , वहीं उनकी आशा के विपरीत वह सही सलामत खड़ा रहा। वे समझ गए कि एक पाव चूने का असर ना होने के पीछे कुछ तो राज अवश्य है और जब उन्होंने कड़ककर उस आदमी से पूछा तो उसने सब उगल दिया कि किस तरह चूने के प्रभाव से बचाने के लिए राजा बीरबल ने उसे घी पिलाया था । चूँकि वह व्यक्ति एक पाव चूना खाकर अपनी सजा पूरी कर चुका था , इसलिए बादशाह अकबर ने उसे छोड़ दिया और एक बार फिर वो राजा बीरबल के मुरीद हो गए जिनकी बुद्धिमता से वो एक पाप करने से बच गए।और कहानियाँ पढ़ें :
हिंदी में तेनालीराम की कहानियाँ (Tenali Rama Stories in Hindi - Part 1)
हिंदी कहानी - बीरबल की खिचड़ी (Hindi Story - Birbal Ki Khichadi)
हिंदी कहानी - शक की कोई दवा नहीं होती (Hindi Story - There is no medicine for doubt)
हिंदी कहानी - गधे से आदमी बनाना (Hindi Story - To make man from donkey)
हिंदी कहानी - जब रातों रात एक पूरा जंगल ही उग गया ( Hindi Story - When a forest appeared overnight)
मित्रो , यदि आपके पास कोई अच्छी कहानी है जो आप इस ब्लॉग पर प्रकाशित करना चाहते हैं तो मुझे rekhashar76@gmail.com पर बताएं। Friend, if you have any good story which you wish to publish at this blog, then please let me know at rekhashar76@gmail.com

No comments:
Post a Comment