हिंदी की छोटी छोटी कहानियाँ - भाग 2 (Short Stories in Hindi - Part 2)

व्यंग्य - भारत की रेलगाड़ी की रफ्तार 

एक बार एक अमेरिकी , एक चीनी और एक भारतीय बात कर रहे थे। चीनी बोला , हमारे यहाँ तो रेलगाड़ी इतनी तेज चलती है की सैकड़ो किलोमीटर की दूरी भी एक घंटे में ही तय हो जाती है। उसकी बात सुनकर अमेरिकी ने कहा कि हमारे देश में तो रेलगाड़ियाँ इतनी तेज चलती हैं कि दूर दूर गड़े खम्बे भी पास पास चिपके हुए दिखाई देते हैं। अब बारी भारतीय की थी। उसने कहा , हमारे देश में तो रेलगाड़ियाँ इतनी तेज चलती हैं कि एक बार मैं रेलगाड़ी से दिल्ली से मेरठ जा रहा था। दिल्ली स्टेशन पर पैसे को लेकर मेरा कुली से झगड़ा हो गया। ट्रैन में बैठकर मैंने कुली को थप्पड़ मारने के लिए खिड़की से हाथ बाहर निकाला , कि ट्रेन चल पड़ी और थप्पड़ लगा मेरठ स्टेशन पर प्लेटफार्म पर खड़े मेरे ससुर जी को जो मुझे लेने आये थे।

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व्यंग्य - भ्रष्ट राजनीतिज्ञ

एक बार एक हवाई जहाज से एक चर्च का पादरी , एक स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा और एक भ्रष्ट राजनीतिज्ञ यात्रा कर रहे थे। तभी पायलट ने बताया कि, "जहाज में खराबी आ गयी है और प्लेन कुछ ही समय में क्रैश हो जाएगा। मुझे अपनी चिंता नहीं है , आप तीनों लोग अपनी जान बचाने की कोशिश करें। परन्तु हमारे पास दो ही पैराशूट हैं , आप लोग निर्णय कर लीजिये की आप में से कौन दो लोग अपनी जान बचाना चाहते हैं। " पायलट की बात सुनते ही भ्रष्ट राजनीतिज्ञ ने कहा , "इसमें सोचने की क्या बात है ? मैं भारत का नेता हूँ , मैं नहीं रहुंगा तो देश कैसे चलेगा।  मेरी जान सबसे ज्यादा कीमती है। दुनिया मैं मेरे जैसे नेताओं की पहले ही कमी है। " इतना कहते ही उस भ्रष्ट राजनीतिज्ञ ने एक पैराशूट अपनी कमर पर बाँधा और जहाज से कूद गया। अब केवल एक ही पैराशूट बचा था। यह देखकर , पादरी ने बच्चे से कहा , "बेटे , मैं तो बूढा हो चुका हूँ , पर अभी तुम्हें तो बहुत जीना है। वैसे भी तुम तो इस देश का भविष्य हो , इसलिए तुम्हारा जीना मेरे जीवित रहने से ज्यादा जरूरी है। इसलिए , तुम बचा हुआ एक पैराशूट लेकर कूद जाओ। " तभी पायलट बोला , आप दोनों चिंता न करें , वो जो राजनीतिज्ञ था , जिसकी जान देश के लिए बहुत कीमती थी वो पैराशूट के बदले इस बच्चे का स्कूल का बैग लेकर कूद गया है।

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व्यंग्य - प्राचीन भारत में बेतार (Wireless) का प्रयोग

एक बार एक अमरीकी , रूसी और भारतीय बात कर रहे थे। अमरीकी आदमी में जमीन में एक हजार फीट गहरा गड्ढा किया। उसको वहाँ एक कागज का टुकड़ा मिला। वह बाकी दोनों से बोला , देखा , हमारे देश में हजारों साल पहले भी कागज का इस्तेमाल होता था। अब बारी रुसी आदमी की थी। उसने दो हजार फीट गहरा गड्ढा किया। उसे वहां एक तार का टुकड़ा मिला। वह बोला , देखा , तुम्हारे कागज के इस्तेमाल से भी हजारों साल पहले हमारे यहाँ टेलीफोन का इस्तेमाल होता था। अब बारी भारतीय की थी। उसने तीन हजार फीट गहरा गड्ढा किया , परन्तु उसे कुछ भी नहीं मिला। वह बोला , देखा , तुम दोनों से भी हजारों साल पहले हमारे यहाँ बेतार (Mobile) का इस्तेमाल होता था।

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व्यंग्य - भारतीय नेता और अमरीकी नेता

एक बार एक भारतीय नेता को एक अमरीका के नेता के घर जाने का अवसर प्राप्त हुआ। उसने देखा कि अमरीकी नेता का घर काफी आलीशान था , जो की अमरीकी नेता के वेतन में होना संभव नहीं था। भारतीय नेता ने अमरीकी नेता से इसका राज पूछा। अमरीकी नेता ने भारतीय नेता को खिड़की के पास बुलाया और कहा :

अमरीकी नेता - क्या तुम्हें खिड़की में से वो नदी दिखाई दे रही है।
भारतीय नेता - हाँ दिख रही है।
अमरीकी नेता - क्या तुम्हें नदी पर पुल दिखाई दे रहा है।
भारतीय नेता - हाँ दिख रहा है।
अमरीकी नेता - बीस परसेंट।

भारतीय नेता समझ गया और उसने अमरीकी नेता को भारत में अपने घर आने का न्योता दिया। जब अमरीकी नेता आया तो उसने देखा कि भारतीय नेता का घर तो उसके अमरीकी घर से भी दस गुना ज्यादा आलीशान था जबकि भारतीय नेता की तनख्वाह उसकी तनख्वाह से दस गुना कम थी। उसने भारतीय नेता से इसका राज पूछा। भारतीय नेता ने उसको खिड़की के पास बुलाया और कहा :

भारतीय नेता - क्या तुम्हें खिड़की में से वो नदी दिखाई दे रही है।
अमरीकी नेता - हाँ दिख रही है।
भारतीय नेता - क्या तुम्हें नदी पर पुल दिखाई दे रहा है।
अमरीकी नेता - नहीं मुझे तो कोई पुल नहीं दिख रहा।
भारतीय नेता - सौ परसेंट।

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व्यंग्य - कुत्ते के बच्चे को मार दिया है

एक बार एक नेता अपनी गाड़ी (कार) से एक गाँव के पास से गुजर रहा था। तभी उसकी गाड़ी के नीचे आकर एक कुत्ते के बच्चा मर गया। ड्राइवर ने कार की स्पीड बढाकर वहाँ से भागने की कोशिश की। पीछे बैठे नेता ने ड्राइवर को रुकने का आदेश दिया और कहा , "हम इतने बड़े नेता हैं , हम ऐसे नहीं भागेंगे। हमसे यदि कोई गलती हुई है तो हम उसकी भरपाई करेंगे। हमारी गाड़ी की डिग्गी में एक नोटों से भरा बैग रखा है।  उसको लेकर गाँव जाओ और पता करो की वो कुत्ते का बच्चा किसका था और उसको वह बैग देकर आओ। "ड्राइवर वह बैग लेकर चला गया और थोड़ी देर बाद जब वापस आया तो उसके हाथ में नोटों से भरे दो बैग थे। यह देखकर नेता हैरान हो गया और उसने ड्राइवर से पूछा कि वो दूसरा बैग उसको कहाँ से मिला। ड्राइवर बोला , "सर , यह दूसरा बैग मुझे गाँव वालों ने दिया है। " यह सुनकर नेता के आश्चर्य का ठिकाना ना रहा। उसने ड्राइवर से पूछा कि  उसने ऐसा क्या कहा गाँव वालों से। ड्राइवर बोला , "सर , मैंने कहा कि मैं नेता का ड्राइवर हूँ और मैंने कुत्ते के बच्चे को गाड़ी के नीचे कुचलकर मार दिया है।  बस इतना सुनते ही वो लोग खुशी से नाचने लगे और उन्होंने पैसे इक्कठ्ठे कर के , बैग में भरकर मुझे दे दिए। "

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व्यंग्य - फौजियों के काम करने का तरीका 

एक बार दो फौजी काम कर रहे थे। एक फौजी गड्ढा खोद रहा था और दूसरा गड्ढा भर रहा था। एक सीनियर अफसर ने आकर उनको रोका और उनसे पूछा कि वो क्या कर रहे हैं और क्यों कर रहे हैं। उनमें से एक फौजी ने उत्तर दिया, "बड़े साहब ने हमें कल यहाँ पौधे लगाने का हुकुम दिया था इसलिए हम ये काम कर रहे हैं। " अफसर ने फिर प्रश्न किया , "पर पौधे तो साइड में पड़े हैं , तुम तो केवल गड्ढा खोद रहे हो और भर रहे हो ?" फौजी ने फिर उत्तर दिया , "सर , मेरा काम गड्ढे करने का था इसलिए मैं गड्ढे कर रहा हूँ। इसका काम गड्ढे भरने का था इसलिए ये गड्ढे भर रहा है। जिसका काम पौधे लगाने का था , वो आज छुट्टी पर है। "

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व्यंग्य - फौजी को छुट्टी चाहिये 

सीमा पर जंग चल रही थी। एक फौजी अपने अफसर के पास गया और बोला , "सर मुझे छुट्टी चाहिए। अफसर बोला , "बेवकूफ , यहॉं दुश्मन से युद्ध छिड़ा हुआ है और तुम , छुट्टी माँग रहे हो। जाओ यहाँ से , मैं तुम्हें छुट्टी नहीं दे सकता। "फौजी ने फिर कोशिश की , "सर प्लीज दे दीजिये , बहुत जरूरी है। " अफसर झुंझलाकर बोला , "जाओ पहले दुश्मन की छह बन्दूकें लाकर दिखाओ , फिर छुट्टी मिलेगी। " फौजी चला गया और कुछ ही देर में दुश्मन की छह बन्दूकें लाकर उसने अफसर के सामने रख दीं। अफसर हैरान होकर बोला , "तुम इतनी जल्दी दुश्मन के छह आदमियों को मारकर उनकी बन्दूकें कैसे ले आए ?" फौजी ने उत्तर दिया , "इसमें कोई प्रॉब्लम नहीं है सर , जब उनको छुट्टी चाहिए होती है तो हमारी बन्दूकें माँग कर ले जाते हैं। "

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